FREE Delivery 🚚 At Order Rs.3500 | Use BIG099 | Min. ₹599 Valid For: PREPAID & COD. 🛍️

Shopping Cart
All product in cart
🎉 Special Offer

THE BIGBOOKS
STORE

FREE Delivery 🚚 | Use BIG099 | Min. ₹599

BIG099

Valid on all orders above ₹599

Ashoka's वसीयत विधि / Law of Wills (वसीयत के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं प्रारूपों सहित) - 2nd Edition 2024

₹1504   ₹1880 20% Off
In Stock     
अशोका लॉ हाउस की वसीयत विधि / Law of Wills, लेखक डॉ. बसंती लाल बाबेल (द्वितीय संस्करण, 2024) — वसीयत सम्बन्धी विधि का सरल हिन्दी में विस्तृत विवेचन, वसीयत के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं प्रारूपों सहित। इसमें वसीयत की प्रकृति एवं क्षमता, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 63 के अन्तर्गत निष्पादन एवं अनुप्रमाणन, संदेहास्पद परिस्थितियाँ, वसीयत के प्रकार एवं कोडिसिल, निर्वचन, प्रतिसंहरण, तथा प्रोबेट, प्रशासन-पत्र एवं पंजीकरण सम्बन्धी प्रावधान सम्मिलित हैं। सजिल्द। ISBN 9789380751054.  
No of pages

1996

No of Pages
Language

Hindi

Language
Edition

2nd Edition 2024

Edition
Publisher

ASHOKA LAW HOUSE

Publisher
Estimate Delivery Times: 3-5 Business Days.
Return Within 4 Days of Purchase. Duties & Taxes are Non-Refundable.

Tags: Law of Wills, The Indian Succession Act, Succession Partition and Wills, Legal Drafting

Share This Product

वसीयत विधि / Law of Wills, लेखक डॉ. बसंती लाल बाबेल, प्रकाशक अशोका लॉ हाउस, नई दिल्ली — वसीयत सम्बन्धी विधि का विस्तृत विवेचन, वसीयत के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर एवं प्रारूपों सहित। यह द्वितीय संस्करण, 2024 है। सजिल्द (हार्डबाउंड)।

वसीयत ऐसा दस्तावेज़ है जिसका परीक्षण प्रायः उस समय होता है जब उसे बनाने वाला व्यक्ति उपस्थित नहीं होता। इसी कारण वसीयत सम्बन्धी विवाद न्यायालयों में सबसे अधिक और सबसे लम्बे चलने वाले विवादों में से हैं — प्रश्न यह नहीं होता कि वसीयतकर्ता क्या चाहता था, बल्कि यह कि जो लिखा गया वह विधि द्वारा अपेक्षित रीति से निष्पादित एवं सत्यापित (executed and attested) हुआ या नहीं, और क्या उस पर संदेहास्पद परिस्थितियाँ (suspicious circumstances) छाया डालती हैं। यह पुस्तक इसी व्यावहारिक दृष्टि से लिखी गई है।

पुस्तक की विशेषताएँ (Key Features)

  • वसीयत के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर — व्यावहारिक प्रश्नों के उत्तर सहित
  • वसीयत के प्रारूप (Draft Formats) — विभिन्न परिस्थितियों के लिए नमूना प्रारूप
  • सम्पूर्ण विवेचन सरल हिन्दी भाषा में
  • उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णयों पर आधारित
  • द्वितीय संस्करण, 2024 · सजिल्द
  • प्रकाशक — अशोका लॉ हाउस, नई दिल्ली · ISBN 9789380751054

विषय-वस्तु (Coverage)

वसीयत का अर्थ एवं प्रकृति। वसीयत की परिभाषा, उसकी आवश्यक विशेषताएँ, वसीयत तथा दान एवं अन्य अन्तरणों में अन्तर, तथा वसीयत की प्रतिसंहरणीयता (revocability) — वसीयतकर्ता के जीवनकाल में वसीयत का कोई प्रभाव न होना।

वसीयत करने की क्षमता। स्वस्थचित्त (sound mind) होने की आवश्यकता, अवयस्क, विकृतचित्त एवं रोगग्रस्त व्यक्ति द्वारा की गई वसीयत, तथा अनुचित प्रभाव (undue influence), कपट एवं प्रपीड़न का प्रभाव।

वसीयत का निष्पादन एवं अनुप्रमाणन। भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 63 के अन्तर्गत निष्पादन की रीति, वसीयतकर्ता के हस्ताक्षर, दो अनुप्रमाणक साक्षियों की आवश्यकता, तथा साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 / भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अन्तर्गत वसीयत के प्रमाणन का नियम।

संदेहास्पद परिस्थितियाँ। जब वसीयत की वास्तविकता पर संदेह उत्पन्न हो — काँपते हस्ताक्षर, प्राकृतिक उत्तराधिकारियों का अपवर्जन, लाभार्थी की सक्रिय भूमिका, वसीयत का विलम्ब से प्रकट होना — तथा इन परिस्थितियों को दूर करने का भार किस पर है।

वसीयत के प्रकार। विशेषाधिकृत एवं अविशेषाधिकृत वसीयत (privileged and unprivileged wills), सह-वसीयत (joint will), पारस्परिक वसीयत (mutual will), सशर्त वसीयत, तथा कोडिसिल (codicil)।

वसीयत का निर्वचन। वसीयतकर्ता के आशय का अन्वेषण, अस्पष्ट एवं परस्पर विरोधी उपबन्धों का निर्वचन, विफल वसीयती दान (lapse), तथा शेष सम्पदा का निपटान।

प्रतिसंहरण एवं पुनर्जीवन। वसीयत का प्रतिसंहरण किन प्रकार से किया जा सकता है — नई वसीयत, लिखित घोषणा, नष्ट किया जाना — तथा प्रतिसंहृत वसीयत का पुनर्जीवन।

प्रोबेट, प्रशासन-पत्र एवं उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र। प्रोबेट कब आवश्यक है, प्रोबेट का आवेदन एवं प्रक्रिया, प्रशासन-पत्र (letters of administration), निष्पादक (executor) एवं प्रशासक के अधिकार एवं कर्तव्य, तथा उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र से भिन्नता।

पंजीकरण एवं स्टाम्प। वसीयत का पंजीकरण ऐच्छिक होना, पंजीकरण से उत्पन्न उपधारणा की सीमा, तथा वसीयत पर स्टाम्प शुल्क की स्थिति।

वसीयत के प्रारूप। साधारण वसीयत, सम्पत्ति के विभाजन सहित वसीयत, पत्नी एवं सन्तानों के पक्ष में वसीयत, दान-सम्बन्धी उपबन्ध, निष्पादक की नियुक्ति, कोडिसिल, तथा प्रतिसंहरण-विलेख के नमूने।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर। व्यवहार में बार-बार उठने वाले प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर।

यह पुस्तक किनके लिए उपयोगी है? (Who Should Buy This Book?)

  • सिविल एवं राजस्व न्यायालयों में वसीयत, बँटवारा एवं उत्तराधिकार के मामलों में कार्यरत अधिवक्ता
  • वसीयत का प्रारूपण करने वाले अधिवक्ता एवं दस्तावेज़ लेखक
  • प्रोबेट एवं प्रशासन-पत्र के मामलों में पैरवी करने वाले वकील
  • न्यायिक अधिकारी एवं न्यायिक सेवा परीक्षा के अभ्यर्थी
  • उप-पंजीयक एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारी
  • सम्पत्ति नियोजन (estate planning) में परामर्श देने वाले
  • अपनी वसीयत बनवाने के इच्छुक सामान्य नागरिक
  • विधि विद्यार्थी, पुस्तकालय एवं संस्थागत संग्रह

यह पुस्तक क्यों चुनें? (Why Choose This Book?)

वसीयत पर उपलब्ध अधिकांश ग्रंथ अंग्रेज़ी में हैं, जबकि वसीयत बनवाने वाला पक्षकार प्रायः हिन्दी में ही बात करता है और हिन्दी में ही दस्तावेज़ समझना चाहता है। सरल हिन्दी में सम्पूर्ण विवेचन इस पुस्तक की पहली उपयोगिता है।

दूसरी उपयोगिता प्रारूपों की है। वसीयत सम्बन्धी अधिकांश विवाद विधि की अनभिज्ञता से नहीं, बल्कि प्रारूपण की त्रुटि से जन्म लेते हैं — अनुप्रमाणन का दोष, अस्पष्ट उपबन्ध, अथवा प्राकृतिक उत्तराधिकारी के अपवर्जन का कारण न लिखा जाना। सिद्धान्त के साथ-साथ प्रारूप एवं प्रश्नोत्तर होने से यह पुस्तक केवल पढ़ने की नहीं, कार्यालय में साथ रखने की पुस्तक बन जाती है।

Customer reviews

0.0 out of 5

Review this product

Share your thoughts with other customers.

Write the Review

Reviews

You may also like

THE BIGBOOKS STORE